Competition Act 56अध्याय IX · Miscellaneous
धारा 56 · आयोग को निरस्त करने की केंद्रीय सरकार की शक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि किसी भी समय केंद्र सरकार की राय हो—
(क) कि आयोग के नियंत्रण से परे परिस्थितियों के कारण, वह इस अधिनियम के प्रावधानों द्वारा या उसके अधीन उस पर लगाए गए कार्यों या कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ है; या
(ख) आयोग ने इस अधिनियम के तहत केंद्र सरकार द्वारा दिए गए किसी भी निर्देश का पालन करने में या इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत उस पर लगाए गए कार्यों या कर्तव्यों के निर्वहन या प्रदर्शन में लगातार चूक की है और ऐसी चूक के परिणामस्वरूप आयोग की वित्तीय स्थिति या आयोग के प्रशासन को नुकसान हुआ है; या
(ग) ऐसी परिस्थितियाँ मौजूद हों जिनके कारण जनहित में ऐसा करना आवश्यक हो।
केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा और उसमें निर्दिष्ट कारणों से, आयोग को अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है, प्रतिस्थापित कर सकती है।
बशर्ते कि ऐसी कोई अधिसूचना जारी करने से पहले, केंद्र सरकार आयोग को प्रस्तावित पदच्युति के विरुद्ध अभ्यावेदन देने का उचित अवसर देगी और आयोग के किसी भी अभ्यावेदन पर विचार करेगी।
(2) उपधारा (1) के तहत आयोग को निरस्त करने वाली अधिसूचना के प्रकाशन पर,--
(क) अध्यक्ष और अन्य सदस्य पदच्युति की तिथि से अपने पद रिक्त कर देंगे;
(ख) वे सभी शक्तियाँ, कार्य और कर्तव्य जो इस अधिनियम के प्रावधानों के द्वारा या उसके अधीन आयोग द्वारा या उसकी ओर से प्रयोग या निर्वहन किए जा सकते हैं, जब तक कि उपधारा (3) के तहत आयोग का पुनर्गठन नहीं हो जाता, तब तक केंद्र सरकार या ऐसे प्राधिकरण द्वारा प्रयोग और निर्वहन किए जाएँगे जिन्हें केंद्र सरकार इस संबंध में निर्दिष्ट कर सकती है;
(ग) आयोग के स्वामित्व वाली या उसके नियंत्रण वाली सभी संपत्तियां, जब तक उपधारा (3) के तहत आयोग का पुनर्गठन नहीं हो जाता, केंद्र सरकार में निहित रहेंगी।
(3) उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना में निर्दिष्ट अधिक्रमण की अवधि समाप्त होने से पहले या उस दिन, केंद्र सरकार आयोग का पुनर्गठन उसके अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नई नियुक्ति द्वारा करेगी और ऐसे मामले में, उपधारा (2) के खंड (क) के तहत अपना पद खाली करने वाला कोई भी व्यक्ति पुनर्नियुक्ति के लिए अयोग्य नहीं माना जाएगा।
(4) केंद्र सरकार उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना और इस धारा के तहत की गई किसी भी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तथा ऐसी कार्रवाई की ओर ले जाने वाली परिस्थितियों को संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष यथाशीघ्र प्रस्तुत करवाएगी।
(क) कि आयोग के नियंत्रण से परे परिस्थितियों के कारण, वह इस अधिनियम के प्रावधानों द्वारा या उसके अधीन उस पर लगाए गए कार्यों या कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ है; या
(ख) आयोग ने इस अधिनियम के तहत केंद्र सरकार द्वारा दिए गए किसी भी निर्देश का पालन करने में या इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत उस पर लगाए गए कार्यों या कर्तव्यों के निर्वहन या प्रदर्शन में लगातार चूक की है और ऐसी चूक के परिणामस्वरूप आयोग की वित्तीय स्थिति या आयोग के प्रशासन को नुकसान हुआ है; या
(ग) ऐसी परिस्थितियाँ मौजूद हों जिनके कारण जनहित में ऐसा करना आवश्यक हो।
केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा और उसमें निर्दिष्ट कारणों से, आयोग को अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है, प्रतिस्थापित कर सकती है।
बशर्ते कि ऐसी कोई अधिसूचना जारी करने से पहले, केंद्र सरकार आयोग को प्रस्तावित पदच्युति के विरुद्ध अभ्यावेदन देने का उचित अवसर देगी और आयोग के किसी भी अभ्यावेदन पर विचार करेगी।
(2) उपधारा (1) के तहत आयोग को निरस्त करने वाली अधिसूचना के प्रकाशन पर,--
(क) अध्यक्ष और अन्य सदस्य पदच्युति की तिथि से अपने पद रिक्त कर देंगे;
(ख) वे सभी शक्तियाँ, कार्य और कर्तव्य जो इस अधिनियम के प्रावधानों के द्वारा या उसके अधीन आयोग द्वारा या उसकी ओर से प्रयोग या निर्वहन किए जा सकते हैं, जब तक कि उपधारा (3) के तहत आयोग का पुनर्गठन नहीं हो जाता, तब तक केंद्र सरकार या ऐसे प्राधिकरण द्वारा प्रयोग और निर्वहन किए जाएँगे जिन्हें केंद्र सरकार इस संबंध में निर्दिष्ट कर सकती है;
(ग) आयोग के स्वामित्व वाली या उसके नियंत्रण वाली सभी संपत्तियां, जब तक उपधारा (3) के तहत आयोग का पुनर्गठन नहीं हो जाता, केंद्र सरकार में निहित रहेंगी।
(3) उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना में निर्दिष्ट अधिक्रमण की अवधि समाप्त होने से पहले या उस दिन, केंद्र सरकार आयोग का पुनर्गठन उसके अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नई नियुक्ति द्वारा करेगी और ऐसे मामले में, उपधारा (2) के खंड (क) के तहत अपना पद खाली करने वाला कोई भी व्यक्ति पुनर्नियुक्ति के लिए अयोग्य नहीं माना जाएगा।
(4) केंद्र सरकार उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना और इस धारा के तहत की गई किसी भी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तथा ऐसी कार्रवाई की ओर ले जाने वाली परिस्थितियों को संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष यथाशीघ्र प्रस्तुत करवाएगी।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

