Competition Act 39अध्याय IV · Duties, Powers and Functions of Commission
धारा 39 · धनीय शास्ति अधिरोपित करने वाले आयोग के आदेशों का निष्पादन
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि कोई व्यक्ति इस अधिनियम के अधीन उस पर अधिरोपित किसी धनीय शास्ति का संदाय करने में असफल रहता है तो आयोग ऐसी शास्ति की वसूली करने के लिए ऐसी रीति में जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए, कार्यवाही करेगा ।
(2) उस दशा में जहां आयोग की यह राय है कि यह समीचीन होगा कि इस अधिनियम के अधीन अधिरोपित शास्ति की वसूली आय-कर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) के उपबंधों के अनुसार की जाए, वहां वह उक्त अधिनियम के अधीन देय कर के रूप में शास्ति की वसूली के लिए उस अधिनियम के अधीन संबद्ध आय-कर प्राधिकारी को इस आशय का निर्देश कर सकेगा ।
(3) जहां शास्ति की वसूली के लिए उपधारा (2) के अधीन आयोग द्वारा कोई निर्देश किया गया है वहां वह व्यक्ति, जिस पर शास्ति अधिरोपित की गई है, आय-कर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) के अधीन व्यतिक्रमी निर्धारिती समझा जाएगा, और उक्त अधिनियम की धारा 221 से धारा 227, धारा 228क, धारा 229, धारा 231 और धारा 232 और उस अधिनियम की दूसरी अनुसूची तथा उसके अधीन बनाए गए किन्हीं नियमों में अंतर्विष्ट उपबंध जहां तक हो सके वे इस प्रकार लागू होंगे मानो उक्त उपबंध इस अधिनियम के उपबंध हों और आय-कर अधिनियम के स्थान पर इस अधिनियम के अधीन अधिरोपित शास्ति के रूप में राशियों और आय-कर अधिनियम, 1961 के अधीन शास्ति, जुर्माने और ब्याज के रूप में अधिरोपित राशियों तथा निर्धारण अधिकारी के स्थान पर आयोग के प्रतिनिर्देश किया गया हो ।
स्पष्टीकरण-उस अधिनियम के उक्त उपबंधों में या उसके अधीन बनाए गए नियमों में आय-कर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) की धारा 220 की उपधारा (2) या उपधारा (6) के प्रति किसी निर्देश का यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह इस अधिनियम की धारा 43 से धारा 45 के प्रतिनिर्देश है ।
स्पष्टीकरण 2-आय-कर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) में निर्दिष्ट कर वसूली आयुक्त और कर वसूली अधिकारी इस अधिनियम के अधीन शास्ति के रूप में अधिरोपित राशियों की वसूली के प्रयोजनों के लिए कर वसूली आयुक्त और कर वसूली अधिकारी समझे जाएंगे और उपधारा (2) के अधीन आयोग द्वारा किया गया निर्देश जहां तक इस अधिनियम के अधीन शास्ति से संबंधित मांग का संबंध है, कर वसूली अधिकारी द्वारा प्रमाणपत्र तैयार करने की कोटि में आएगा ।
स्पष्टीकरण 3-आय-कर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) के अध्याय 17घ और दूसरी अनुसूची में अपील के प्रति किसी निर्देश का, यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह इस अधिनियम की धारा 53ख के अधीन प्रतिस्पर्धा अपील अधिकरण के समक्ष अपील के प्रतिनिर्देश है ।
(2) उस दशा में जहां आयोग की यह राय है कि यह समीचीन होगा कि इस अधिनियम के अधीन अधिरोपित शास्ति की वसूली आय-कर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) के उपबंधों के अनुसार की जाए, वहां वह उक्त अधिनियम के अधीन देय कर के रूप में शास्ति की वसूली के लिए उस अधिनियम के अधीन संबद्ध आय-कर प्राधिकारी को इस आशय का निर्देश कर सकेगा ।
(3) जहां शास्ति की वसूली के लिए उपधारा (2) के अधीन आयोग द्वारा कोई निर्देश किया गया है वहां वह व्यक्ति, जिस पर शास्ति अधिरोपित की गई है, आय-कर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) के अधीन व्यतिक्रमी निर्धारिती समझा जाएगा, और उक्त अधिनियम की धारा 221 से धारा 227, धारा 228क, धारा 229, धारा 231 और धारा 232 और उस अधिनियम की दूसरी अनुसूची तथा उसके अधीन बनाए गए किन्हीं नियमों में अंतर्विष्ट उपबंध जहां तक हो सके वे इस प्रकार लागू होंगे मानो उक्त उपबंध इस अधिनियम के उपबंध हों और आय-कर अधिनियम के स्थान पर इस अधिनियम के अधीन अधिरोपित शास्ति के रूप में राशियों और आय-कर अधिनियम, 1961 के अधीन शास्ति, जुर्माने और ब्याज के रूप में अधिरोपित राशियों तथा निर्धारण अधिकारी के स्थान पर आयोग के प्रतिनिर्देश किया गया हो ।
स्पष्टीकरण-उस अधिनियम के उक्त उपबंधों में या उसके अधीन बनाए गए नियमों में आय-कर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) की धारा 220 की उपधारा (2) या उपधारा (6) के प्रति किसी निर्देश का यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह इस अधिनियम की धारा 43 से धारा 45 के प्रतिनिर्देश है ।
स्पष्टीकरण 2-आय-कर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) में निर्दिष्ट कर वसूली आयुक्त और कर वसूली अधिकारी इस अधिनियम के अधीन शास्ति के रूप में अधिरोपित राशियों की वसूली के प्रयोजनों के लिए कर वसूली आयुक्त और कर वसूली अधिकारी समझे जाएंगे और उपधारा (2) के अधीन आयोग द्वारा किया गया निर्देश जहां तक इस अधिनियम के अधीन शास्ति से संबंधित मांग का संबंध है, कर वसूली अधिकारी द्वारा प्रमाणपत्र तैयार करने की कोटि में आएगा ।
स्पष्टीकरण 3-आय-कर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) के अध्याय 17घ और दूसरी अनुसूची में अपील के प्रति किसी निर्देश का, यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह इस अधिनियम की धारा 53ख के अधीन प्रतिस्पर्धा अपील अधिकरण के समक्ष अपील के प्रतिनिर्देश है ।
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