Competition Act 6अध्याय II · Regulation of combinations
धारा 6 · संयोजनों का नियमन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई भी व्यक्ति या उद्यम ऐसा संयोजन नहीं करेगा जिससे भारत में संबंधित बाजार में प्रतिस्पर्धा पर उल्लेखनीय प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो या पड़ने की संभावना हो, और ऐसा संयोजन शून्य होगा।
(2) उप-धारा (1) में निहित प्रावधानों के अधीन रहते हुए, कोई व्यक्ति या उद्यम, जो किसी संयोजन में प्रवेश करने का प्रस्ताव करता है, 1 [निम्नलिखित में से किसी के बाद, लेकिन संयोजन के पूर्ण होने से पहले] आयोग को, विनियमों द्वारा निर्दिष्ट प्रपत्र में और निर्धारित शुल्क पर, प्रस्तावित संयोजन का विवरण प्रकट करते हुए सूचना देगा / देगी।
(क) धारा 5 के खंड (ग) 3 [और खंड (घ)] में निर्दिष्ट विलय या समामेलन से संबंधित प्रस्ताव को, ऐसे विलय या समामेलन से संबंधित उद्यमों के निदेशक मंडल द्वारा, जैसा भी मामला हो, स्वीकृति देना;
(ख) धारा 5 के खंड (क) 3 [और खंड (घ)] में निर्दिष्ट अधिग्रहण के लिए या उस धारा के खंड (ख) में निर्दिष्ट नियंत्रण प्राप्त करने के लिए किसी समझौते या अन्य दस्तावेज का निष्पादन।
3 [ स्पष्टीकरण .--इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "अन्य दस्तावेज" से तात्पर्य किसी भी ऐसे दस्तावेज से है, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जो नियंत्रण, शेयर, मतदान अधिकार या परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए किसी समझौते या निर्णय को संप्रेषित करता हो, या यदि अधिग्रहण अधिग्रहित किए जा रहे उद्यम की सहमति के बिना किया जा रहा हो, तो अधिग्रहण करने वाले उद्यम द्वारा निष्पादित कोई भी दस्तावेज, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जो नियंत्रण, शेयर या मतदान अधिकार के अधिग्रहण के लिए निर्णय को संप्रेषित करता हो, या जहां भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (15 ऑफ 1992) के तहत बनाए गए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (शेयरों का पर्याप्त अधिग्रहण और अधिग्रहण) विनियम, 2011 के प्रावधानों के अनुसार शेयरों, मतदान अधिकारों या नियंत्रण के अधिग्रहण के लिए सार्वजनिक घोषणा की गई हो, तो ऐसे सार्वजनिक दस्तावेज से है।]
4 [(2ए) कोई भी संयोजन तब तक प्रभावी नहीं होगा जब तक कि उपधारा (2) के तहत आयोग को नोटिस दिए जाने के दिन से या आयोग द्वारा धारा 31 के तहत आदेश पारित किए जाने के दिन से, जो भी पहले हो, 5 [एक सौ पचास दिन] बीत न जाएं।]
(3) आयोग उप-धारा (2) के तहत नोटिस प्राप्त होने के बाद, ऐसे नोटिस पर धारा 29 , 29ए, 30 और 31 में निहित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करेगा।
7 [(4) उप-धारा (2ए) और (3) तथा धारा 43ए में किसी बात के होते हुए भी, यदि कोई संयोजन ऐसे मानदंडों को पूरा करता है जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है और अन्यथा इस अधिनियम के तहत उप-धारा (2) के तहत आयोग को नोटिस देने की आवश्यकता से छूट प्राप्त नहीं है, तो ऐसे संयोजन के लिए आयोग को ऐसे प्रपत्र में और ऐसे शुल्क के भुगतान पर नोटिस दिया जा सकता है जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है, जिसमें प्रस्तावित संयोजन का विवरण प्रकट किया जाएगा और इसके बाद ऐसे संयोजन के लिए उप-धारा (2) के तहत अलग से नोटिस देने की आवश्यकता नहीं होगी।
(5) उपधारा (4) के तहत नोटिस दाखिल करने और आयोग द्वारा उसकी स्वीकृति प्राप्त होने पर, प्रस्तावित संयोजन को धारा 31 की उपधारा (1) के तहत आयोग द्वारा अनुमोदित माना जाएगा और उपधारा (2) या उपधारा (2ए) के तहत किसी अन्य अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी।
(6) यदि धारा 20 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट अवधि के भीतर आयोग को यह पता चलता है कि उपधारा (4) के तहत अधिसूचित संयोजन उस उपधारा के तहत निर्दिष्ट आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है या प्रदान की गई जानकारी या घोषणाएँ सारतः गलत या अपूर्ण हैं, तो उपधारा (5) के तहत दी गई स्वीकृति प्रारंभ से ही अमान्य होगी और आयोग ऐसा आदेश पारित कर सकता है जैसा वह उचित समझे:
बशर्ते कि ऐसा कोई आदेश तब तक पारित नहीं किया जाएगा जब तक कि गठबंधन के पक्षों को सुनवाई का अवसर न दिया गया हो।
(7) इस धारा और धारा 43ए में किसी बात के होते हुए भी, ऐसे मानदंडों की पूर्ति पर, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, संयोजनों की कुछ श्रेणियों को उप-धारा (2), (2ए) और (4) का अनुपालन करने की आवश्यकता से छूट दी जाएगी।
(8) उपधारा (4), (5), (6) और (7) में किसी बात के होते हुए भी--
(i) इस अधिनियम के अंतर्गत इन उपधाराओं में निर्दिष्ट मामलों पर बनाए गए नियम एवं विनियम, जो प्रतिस्पर्धा (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने से ठीक पहले और प्रारंभ होने के समय लागू थे, तब तक लागू रहेंगे जब तक कि इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियम या विनियम, जैसा भी मामला हो, संशोधित नहीं हो जाते; और
(ii) इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए किसी भी नियम एवं विनियमों के तहत पारित कोई आदेश, लगाया गया कोई शुल्क, संपन्न किया गया कोई संयोजन, पारित किया गया कोई प्रस्ताव, दिया गया कोई निर्देश, निष्पादित या जारी किया गया कोई दस्तावेज या किया गया कोई कार्य, यदि प्रतिस्पर्धा (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने के समय लागू हो, तो लागू रहेगा और इस प्रकार प्रभावी होगा मानो ऐसा आदेश पारित किया गया हो, ऐसा शुल्क लगाया गया हो, ऐसा संयोजन संपन्न किया गया हो, ऐसा प्रस्ताव पारित किया गया हो, ऐसा निर्देश दिया गया हो, ऐसा दस्तावेज निष्पादित या जारी किया गया हो या किया गया हो।
(9) इस धारा के प्रावधान किसी सार्वजनिक वित्तीय संस्था, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक, बैंक या श्रेणी I वैकल्पिक निवेश कोष द्वारा किसी ऋण समझौते या निवेश समझौते के किसी अनुबंध के अनुसार शेयर सदस्यता या वित्तपोषण सुविधा या किसी अधिग्रहण पर लागू नहीं होंगे।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, अभिव्यक्ति--
(क) "श्रेणी I वैकल्पिक निवेश निधि" का वही अर्थ है जो भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (15 ऑफ 1992) के तहत बनाए गए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (वैकल्पिक निवेश निधि) विनियम, 2012 के तहत इसे दिया गया है;
(ख) "विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक" का वही अर्थ होगा जो भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (15 ऑफ 1992) के तहत बनाए गए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) विनियम, 2019 के तहत इसे दिया गया है।
(2) उप-धारा (1) में निहित प्रावधानों के अधीन रहते हुए, कोई व्यक्ति या उद्यम, जो किसी संयोजन में प्रवेश करने का प्रस्ताव करता है, 1 [निम्नलिखित में से किसी के बाद, लेकिन संयोजन के पूर्ण होने से पहले] आयोग को, विनियमों द्वारा निर्दिष्ट प्रपत्र में और निर्धारित शुल्क पर, प्रस्तावित संयोजन का विवरण प्रकट करते हुए सूचना देगा / देगी।
(क) धारा 5 के खंड (ग) 3 [और खंड (घ)] में निर्दिष्ट विलय या समामेलन से संबंधित प्रस्ताव को, ऐसे विलय या समामेलन से संबंधित उद्यमों के निदेशक मंडल द्वारा, जैसा भी मामला हो, स्वीकृति देना;
(ख) धारा 5 के खंड (क) 3 [और खंड (घ)] में निर्दिष्ट अधिग्रहण के लिए या उस धारा के खंड (ख) में निर्दिष्ट नियंत्रण प्राप्त करने के लिए किसी समझौते या अन्य दस्तावेज का निष्पादन।
3 [ स्पष्टीकरण .--इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "अन्य दस्तावेज" से तात्पर्य किसी भी ऐसे दस्तावेज से है, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जो नियंत्रण, शेयर, मतदान अधिकार या परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए किसी समझौते या निर्णय को संप्रेषित करता हो, या यदि अधिग्रहण अधिग्रहित किए जा रहे उद्यम की सहमति के बिना किया जा रहा हो, तो अधिग्रहण करने वाले उद्यम द्वारा निष्पादित कोई भी दस्तावेज, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, जो नियंत्रण, शेयर या मतदान अधिकार के अधिग्रहण के लिए निर्णय को संप्रेषित करता हो, या जहां भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (15 ऑफ 1992) के तहत बनाए गए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (शेयरों का पर्याप्त अधिग्रहण और अधिग्रहण) विनियम, 2011 के प्रावधानों के अनुसार शेयरों, मतदान अधिकारों या नियंत्रण के अधिग्रहण के लिए सार्वजनिक घोषणा की गई हो, तो ऐसे सार्वजनिक दस्तावेज से है।]
4 [(2ए) कोई भी संयोजन तब तक प्रभावी नहीं होगा जब तक कि उपधारा (2) के तहत आयोग को नोटिस दिए जाने के दिन से या आयोग द्वारा धारा 31 के तहत आदेश पारित किए जाने के दिन से, जो भी पहले हो, 5 [एक सौ पचास दिन] बीत न जाएं।]
(3) आयोग उप-धारा (2) के तहत नोटिस प्राप्त होने के बाद, ऐसे नोटिस पर धारा 29 , 29ए, 30 और 31 में निहित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करेगा।
7 [(4) उप-धारा (2ए) और (3) तथा धारा 43ए में किसी बात के होते हुए भी, यदि कोई संयोजन ऐसे मानदंडों को पूरा करता है जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है और अन्यथा इस अधिनियम के तहत उप-धारा (2) के तहत आयोग को नोटिस देने की आवश्यकता से छूट प्राप्त नहीं है, तो ऐसे संयोजन के लिए आयोग को ऐसे प्रपत्र में और ऐसे शुल्क के भुगतान पर नोटिस दिया जा सकता है जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है, जिसमें प्रस्तावित संयोजन का विवरण प्रकट किया जाएगा और इसके बाद ऐसे संयोजन के लिए उप-धारा (2) के तहत अलग से नोटिस देने की आवश्यकता नहीं होगी।
(5) उपधारा (4) के तहत नोटिस दाखिल करने और आयोग द्वारा उसकी स्वीकृति प्राप्त होने पर, प्रस्तावित संयोजन को धारा 31 की उपधारा (1) के तहत आयोग द्वारा अनुमोदित माना जाएगा और उपधारा (2) या उपधारा (2ए) के तहत किसी अन्य अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी।
(6) यदि धारा 20 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट अवधि के भीतर आयोग को यह पता चलता है कि उपधारा (4) के तहत अधिसूचित संयोजन उस उपधारा के तहत निर्दिष्ट आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है या प्रदान की गई जानकारी या घोषणाएँ सारतः गलत या अपूर्ण हैं, तो उपधारा (5) के तहत दी गई स्वीकृति प्रारंभ से ही अमान्य होगी और आयोग ऐसा आदेश पारित कर सकता है जैसा वह उचित समझे:
बशर्ते कि ऐसा कोई आदेश तब तक पारित नहीं किया जाएगा जब तक कि गठबंधन के पक्षों को सुनवाई का अवसर न दिया गया हो।
(7) इस धारा और धारा 43ए में किसी बात के होते हुए भी, ऐसे मानदंडों की पूर्ति पर, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, संयोजनों की कुछ श्रेणियों को उप-धारा (2), (2ए) और (4) का अनुपालन करने की आवश्यकता से छूट दी जाएगी।
(8) उपधारा (4), (5), (6) और (7) में किसी बात के होते हुए भी--
(i) इस अधिनियम के अंतर्गत इन उपधाराओं में निर्दिष्ट मामलों पर बनाए गए नियम एवं विनियम, जो प्रतिस्पर्धा (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने से ठीक पहले और प्रारंभ होने के समय लागू थे, तब तक लागू रहेंगे जब तक कि इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियम या विनियम, जैसा भी मामला हो, संशोधित नहीं हो जाते; और
(ii) इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए किसी भी नियम एवं विनियमों के तहत पारित कोई आदेश, लगाया गया कोई शुल्क, संपन्न किया गया कोई संयोजन, पारित किया गया कोई प्रस्ताव, दिया गया कोई निर्देश, निष्पादित या जारी किया गया कोई दस्तावेज या किया गया कोई कार्य, यदि प्रतिस्पर्धा (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने के समय लागू हो, तो लागू रहेगा और इस प्रकार प्रभावी होगा मानो ऐसा आदेश पारित किया गया हो, ऐसा शुल्क लगाया गया हो, ऐसा संयोजन संपन्न किया गया हो, ऐसा प्रस्ताव पारित किया गया हो, ऐसा निर्देश दिया गया हो, ऐसा दस्तावेज निष्पादित या जारी किया गया हो या किया गया हो।
(9) इस धारा के प्रावधान किसी सार्वजनिक वित्तीय संस्था, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक, बैंक या श्रेणी I वैकल्पिक निवेश कोष द्वारा किसी ऋण समझौते या निवेश समझौते के किसी अनुबंध के अनुसार शेयर सदस्यता या वित्तपोषण सुविधा या किसी अधिग्रहण पर लागू नहीं होंगे।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, अभिव्यक्ति--
(क) "श्रेणी I वैकल्पिक निवेश निधि" का वही अर्थ है जो भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (15 ऑफ 1992) के तहत बनाए गए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (वैकल्पिक निवेश निधि) विनियम, 2012 के तहत इसे दिया गया है;
(ख) "विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक" का वही अर्थ होगा जो भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (15 ऑफ 1992) के तहत बनाए गए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) विनियम, 2019 के तहत इसे दिया गया है।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

