Competition Act 64अध्याय IX · Miscellaneous
धारा 64 · नियम बनाने की शक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) आयोग अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए नियमों के अनुरूप विनियम बना सकता है, ताकि इस अधिनियम के उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त प्रावधानों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे विनियम निम्नलिखित सभी या इनमें से किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:--
(क) धारा 4 की व्याख्या के खंड (ख) के अधीन निर्धारित की जाने वाली उत्पादन लागत;
(ख) नोटिस का प्रारूप जैसा निर्दिष्ट किया जा सकता है और धारा 6 की उपधारा (2) के अधीन निर्धारित शुल्क;
1 [(सी) धारा 5 के खंड (डी) के अधीन भारत में पर्याप्त व्यावसायिक संचालन के निर्धारण का तरीका;
(ca) धारा 6 की उपधारा (4) के अधीन संयोजन हेतु सूचना का प्रपत्र एवं शुल्क;
(cb) धारा 6ए के खंड (ए) के तहत अधिग्रहण की सूचना दाखिल करने का समय और तरीका;
(सीसी) वह तरीका और परिस्थितियाँ जिनमें अधिग्रहणकर्ता शेयरों या परिवर्तनीय प्रतिभूतियों में स्वामित्व या लाभकारी अधिकार या हित का प्रयोग कर सकता है, जिसमें मतदान का अधिकार और लाभांश या कोई अन्य वितरण प्राप्त करना शामिल है, धारा 6ए के खंड (बी) के तहत अपवाद के रूप में;]
2 [(घ) धारा 17 की उपधारा (3) के अधीन विशेषज्ञों और पेशेवरों को नियुक्त करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रियाएँ;
(ई) वह शुल्क जो धारा 19 की उपधारा (1) के खंड (ए) के अधीन निर्धारित किया जा सकता है;
(f) धारा 22 की उपधारा (1) के अधीन आयोग की बैठकों में कामकाज के संचालन के संबंध में प्रक्रिया के नियम;
1 [(एफए) धारा 26 की उपधारा (9) के तहत कारण बताओ नोटिस में इंगित किए जाने वाले अन्य विवरण;
(fb) धारा 27 के खंड (ख) के स्पष्टीकरण 1 के तहत कारोबार या आय निर्धारित करने का तरीका;
(एफसी) वे तरीके जिनसे संयोजन के पक्षकार धारा 29ए की उपधारा (2) के तहत आयोग को संशोधन प्रस्तावित कर सकते हैं;]
(जी) धारा 39 की उपधारा (1) के अधीन दंड की वसूली का तरीका;
1 [(जीए) धारा 46 की उपधारा (1) के तहत उत्पादक, विक्रेता, वितरक, व्यापारी या सेवा प्रदाता पर लगाया जाने वाला कम दंड;
(जीबी) धारा 46 की उपधारा (2) के तहत कम दंड के लिए आवेदन वापस लेने का तरीका और समय;
(जीसी) धारा 46 की उपधारा (4) के तहत उत्पादक, विक्रेता, वितरक, व्यापारी या सेवा प्रदाता पर लगाया जाने वाला कम दंड;
(जीडी) धारा 48 के स्पष्टीकरण के खंड (सी) के अधीन आय निर्धारित करने का तरीका;
(जी) उपधारा (1) के अधीन आवेदन का प्रपत्र और शुल्क, उपधारा (2) के अधीन समय, उपधारा (3) के अधीन कार्यान्वयन और निगरानी की शर्तें और तरीका, और धारा 48ए की उपधारा (6) के अधीन निपटान कार्यवाही आयोजित करने की प्रक्रिया;
(जीएफ) उपधारा (1) के तहत आवेदन का प्रपत्र और शुल्क, उपधारा (2) के तहत समय, उपधारा (3) के तहत कार्यान्वयन और निगरानी की शर्तें और तरीका और धारा 48बी की उपधारा (6) के तहत दी गई प्रतिबद्धताओं की प्रक्रिया;
(gg) मसौदा विनियमों के साथ प्रकाशित किए जाने वाले अन्य विवरण और धारा 64ए के खंड (क) के तहत सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित करने की अवधि;]
(h) कोई अन्य मामला जिसके संबंध में विनियमों द्वारा प्रावधान किया जाना है, या किया जा सकता है।]
(3) इस अधिनियम के अंतर्गत बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के तुरंत बाद, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखा जाएगा, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में समाहित हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन नियम में कोई संशोधन करने पर सहमत हों, या दोनों सदन इस बात पर सहमत हों कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो नियम इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा, जैसा भी मामला हो; यद्यपि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस नियम के अंतर्गत पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त प्रावधानों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे विनियम निम्नलिखित सभी या इनमें से किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:--
(क) धारा 4 की व्याख्या के खंड (ख) के अधीन निर्धारित की जाने वाली उत्पादन लागत;
(ख) नोटिस का प्रारूप जैसा निर्दिष्ट किया जा सकता है और धारा 6 की उपधारा (2) के अधीन निर्धारित शुल्क;
1 [(सी) धारा 5 के खंड (डी) के अधीन भारत में पर्याप्त व्यावसायिक संचालन के निर्धारण का तरीका;
(ca) धारा 6 की उपधारा (4) के अधीन संयोजन हेतु सूचना का प्रपत्र एवं शुल्क;
(cb) धारा 6ए के खंड (ए) के तहत अधिग्रहण की सूचना दाखिल करने का समय और तरीका;
(सीसी) वह तरीका और परिस्थितियाँ जिनमें अधिग्रहणकर्ता शेयरों या परिवर्तनीय प्रतिभूतियों में स्वामित्व या लाभकारी अधिकार या हित का प्रयोग कर सकता है, जिसमें मतदान का अधिकार और लाभांश या कोई अन्य वितरण प्राप्त करना शामिल है, धारा 6ए के खंड (बी) के तहत अपवाद के रूप में;]
2 [(घ) धारा 17 की उपधारा (3) के अधीन विशेषज्ञों और पेशेवरों को नियुक्त करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रियाएँ;
(ई) वह शुल्क जो धारा 19 की उपधारा (1) के खंड (ए) के अधीन निर्धारित किया जा सकता है;
(f) धारा 22 की उपधारा (1) के अधीन आयोग की बैठकों में कामकाज के संचालन के संबंध में प्रक्रिया के नियम;
1 [(एफए) धारा 26 की उपधारा (9) के तहत कारण बताओ नोटिस में इंगित किए जाने वाले अन्य विवरण;
(fb) धारा 27 के खंड (ख) के स्पष्टीकरण 1 के तहत कारोबार या आय निर्धारित करने का तरीका;
(एफसी) वे तरीके जिनसे संयोजन के पक्षकार धारा 29ए की उपधारा (2) के तहत आयोग को संशोधन प्रस्तावित कर सकते हैं;]
(जी) धारा 39 की उपधारा (1) के अधीन दंड की वसूली का तरीका;
1 [(जीए) धारा 46 की उपधारा (1) के तहत उत्पादक, विक्रेता, वितरक, व्यापारी या सेवा प्रदाता पर लगाया जाने वाला कम दंड;
(जीबी) धारा 46 की उपधारा (2) के तहत कम दंड के लिए आवेदन वापस लेने का तरीका और समय;
(जीसी) धारा 46 की उपधारा (4) के तहत उत्पादक, विक्रेता, वितरक, व्यापारी या सेवा प्रदाता पर लगाया जाने वाला कम दंड;
(जीडी) धारा 48 के स्पष्टीकरण के खंड (सी) के अधीन आय निर्धारित करने का तरीका;
(जी) उपधारा (1) के अधीन आवेदन का प्रपत्र और शुल्क, उपधारा (2) के अधीन समय, उपधारा (3) के अधीन कार्यान्वयन और निगरानी की शर्तें और तरीका, और धारा 48ए की उपधारा (6) के अधीन निपटान कार्यवाही आयोजित करने की प्रक्रिया;
(जीएफ) उपधारा (1) के तहत आवेदन का प्रपत्र और शुल्क, उपधारा (2) के तहत समय, उपधारा (3) के तहत कार्यान्वयन और निगरानी की शर्तें और तरीका और धारा 48बी की उपधारा (6) के तहत दी गई प्रतिबद्धताओं की प्रक्रिया;
(gg) मसौदा विनियमों के साथ प्रकाशित किए जाने वाले अन्य विवरण और धारा 64ए के खंड (क) के तहत सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित करने की अवधि;]
(h) कोई अन्य मामला जिसके संबंध में विनियमों द्वारा प्रावधान किया जाना है, या किया जा सकता है।]
(3) इस अधिनियम के अंतर्गत बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के तुरंत बाद, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखा जाएगा, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में समाहित हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन नियम में कोई संशोधन करने पर सहमत हों, या दोनों सदन इस बात पर सहमत हों कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो नियम इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा, जैसा भी मामला हो; यद्यपि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस नियम के अंतर्गत पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
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