Competition Act 52अध्याय VIII · Finance, Accounts and Audit
धारा 52 · लेखा एवं लेखापरीक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) आयोग उचित खाते और अन्य प्रासंगिक अभिलेख रखेगा तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के परामर्श से केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में वार्षिक लेखा विवरण तैयार करेगा।
(2) आयोग के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय आयोग द्वारा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
स्पष्टीकरण .--संदेहों को दूर करने के लिए, यह घोषित किया जाता है कि आयोग के आदेश, जो कि अपीलीय न्यायाधिकरण या सर्वोच्च न्यायालय में अपील योग्य मामले हैं, इस धारा के अंतर्गत लेखापरीक्षा के अधीन नहीं होंगे।
(3) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और आयोग के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति को ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार एवं प्राधिकार प्राप्त होंगे जो भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी खातों की लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं, और विशेष रूप से उन्हें पुस्तकों, खातों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने और आयोग के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) आयोग के खाते, जैसा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित किया गया हो, लेखापरीक्षा रिपोर्ट सहित प्रतिवर्ष केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे और वह सरकार उन्हें संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
(2) आयोग के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय आयोग द्वारा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
स्पष्टीकरण .--संदेहों को दूर करने के लिए, यह घोषित किया जाता है कि आयोग के आदेश, जो कि अपीलीय न्यायाधिकरण या सर्वोच्च न्यायालय में अपील योग्य मामले हैं, इस धारा के अंतर्गत लेखापरीक्षा के अधीन नहीं होंगे।
(3) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और आयोग के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति को ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार एवं प्राधिकार प्राप्त होंगे जो भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी खातों की लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं, और विशेष रूप से उन्हें पुस्तकों, खातों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने और आयोग के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) आयोग के खाते, जैसा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित किया गया हो, लेखापरीक्षा रिपोर्ट सहित प्रतिवर्ष केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे और वह सरकार उन्हें संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
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